Short Story19291 min read

Rashmi

रश्मि

Rashmi (रश्मि) by Premchand is an inspiring tale of an educated woman who rejects a wealthy but arrogant suitor to build her own identity.

Characters:Rashmi, Rashmi's Father, The Wealthy Suitor
Setting:Urban India during the early 20th century, era of social reform

रश्मि एक शिक्षित युवती थी। उसके पिता चाहते थे कि वह एक अमीर लड़के से शादी करे।

पहली मुलाकात

लड़के वाले देखने आए। लड़का अमीर था, लेकिन घमंडी। उसने रश्मि से कहा - शादी के बाद तुम्हें नौकरी छोड़नी होगी। मेरी पत्नी काम नहीं करेगी।

रश्मि ने कहा - मैं अपनी नौकरी नहीं छोड़ूंगी। यह मेरी पहचान है।

इनकार

लड़के ने कहा - तो शादी नहीं होगी।

रश्मि के पिता गुस्सा हुए। उन्होंने कहा - पागल हो गई हो? इतना अच्छा रिश्ता छोड़ रही हो?

रश्मि ने कहा - ऐसा रिश्ता नहीं चाहिए जहां मेरी अपनी पहचान न हो।

नया रास्ता

रश्मि ने अपना स्कूल खोला। वह बच्चों को पढ़ाती थी। कुछ सालों में उसका स्कूल मशहूर हो गया।

एक दिन वही लड़का आया अपने बच्चे का दाखिला कराने। रश्मि मुस्कराई।

खुद पर विश्वास रखने वाले कभी नहीं हारते।